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6 फरवरी से झांसी के जनरल बिपिन रावत शहीद पार्क सजेगा कला, साहित्य और सांस्कृति का संगम


झांसी। भूपेन्द्र रायकवार। बुन्देलखण्ड की सांस्कृतिक चेतना, साहित्यिक परंपरा और समकालीन विमर्श को एक साझा मंच देने वाला बुन्देलखण्ड लिटरेचर फेस्टिवल 5.0 आगामी 06 से 08 फरवरी 2026 तक जनरल बिपिन रावत शहीद पार्क, झांसी में आयोजित होने जा रहा है। तीन दिवसीय यह आयोजन केवल साहित्य उत्सव नहीं बल्कि विचार, कला, लोकसंस्कृति, मीडिया, शिक्षा, सिनेमा और समाज के बहुआयामी संवाद का सशक्त मंच बनेगा। देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले प्रख्यात साहित्यकार, कलाकार, शिक्षाविद, पत्रकार, प्रशासनिक अधिकारी और युवा रचनाकार इस आयोजन में सहभाग करेंगे।


फेस्टिवल का शुभारंभ प्रथम दिन शुक्रवार को वैदिक और पौराणिक मंगलाचरण के साथ होगा, जिसे संस्कृत अध्येता और वैदिक ब्राह्मण आचार्य अंशुल नायक संपन्न कराएंगे। इसके बाद उद्घाटन सत्र में पद्मश्री से सम्मानित लोक गायिका और साहित्यकार मालिनी अवस्थी, दिल्ली विश्वविद्यालय के डीन प्रो बलराम पाणि, बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो मुकेश पाण्डेय, झांसी मंडल के आयुक्त विमल कुमार दुबे और चर्चित पत्रकार ऋचा अनिरुद्ध अपने विचार रखेंगे। उद्घाटन सत्र में बुन्देलखण्ड की सांस्कृतिक विरासत, भाषा, लोककला और भविष्य की दिशा पर व्यापक संवाद होगा।


पहले दिन का पहला सत्र माटी की गूंज गीत गाथा और बुन्देलखण्ड विषय पर केंद्रित होगा, जिसमें बुन्देली लोक गायिका साक्षी पटेरिया, आल्हा गायक जितेन्द्र चौरसिया और कवि विदित नारायण बुधौलिया लोकस्मृति और लोकध्वनियों को मंच पर जीवंत करेंगे। इसके बाद उच्च शिक्षा और विकसित भारत की परिकल्पना पर आधारित सत्र में प्रो बलराम पाणि और डॉ अनिरुद्ध रावत वैश्विक मंच पर भारत की शैक्षिक भूमिका पर विचार साझा करेंगे।


शाम के सत्रों में पुस्तक चन्दन किवाड पर चर्चा, मीडिया लोकतंत्र और मानव धर्म जैसे विषयों पर संवाद होगा। मालिनी अवस्थी और लेखक राहुल नील साहित्य और संगीत के रिश्ते पर बात करेंगे। वहीं ऋचा अनिरुद्ध और वरिष्ठ पत्रकार अरिंदम घोष मीडिया की भूमिका और मानवीय मूल्यों पर गहन विमर्श करेंगे। दिन का समापन सिनेमा और डिजिटल कंटेंट से जुड़े सत्रों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ होगा। गणेश वंदना, आल्हा पर वक्तव्य और बुन्देली लोक कला समिति द्वारा आल्हा गायन विशेष आकर्षण रहेगा।


दूसरे दिन शनिवार को काशी की ज्ञान परंपरा पर आधारित सत्र से कार्यक्रम की शुरुआत होगी। वरिष्ठ साहित्यकार त्रिलोक नाथ पाण्डेय, रामकथा मर्मज्ञ डॉ कुंदन कुमार यादव और लेखक वैभव मणि त्रिपाठी काशी की साहित्यिक और सांस्कृतिक यात्रा पर चर्चा करेंगे। इसके बाद कला के विभिन्न स्वरूपों पर केंद्रित सत्र में मूर्तिकार अभिषेक कुमार सिंह और वारली कलाकार आकांक्षा सिंह कला के जीवंत संसार को सामने रखेंगे।


दोपहर के सत्रों में भारत की विदेश नीति में धार्मिक पर्यटन की भूमिका, शास्त्रीय नृत्य की साधना और सिनेमा तक पहुंचती कहानियों पर संवाद होगा। विदेश मंत्रालय से जुड़े लेखक नितिन प्रमोद, वरिष्ठ पत्रकार नीरज मिश्र और सामाजिक कार्यकर्ता राहुल द्विवेदी धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं पर विचार रखेंगे। पद्मश्री शोभना नारायण कथक की साधना पर अपनी बात रखेंगी। फिल्म निर्देशक तरुण डुडेजा, कास्टिंग डायरेक्टर अनमोल आहूजा और शिक्षाविद मनीष जैसल सिनेमा की यात्रा पर अनुभव साझा करेंगे।
शाम के सत्रों में लोकप्रिय वेब सीरीज पंचायत के अभिनेता फैजल मलिक और प्रो मुन्ना कुमार पाण्डेय जीवन और अभिनय के अनुभव साझा करेंगे। कंटेंट और ओटीटी पर आधारित सत्र में अभिनेत्री और निर्माता निधि बिष्ट तथा लेखिका ज्योति वर्मा डिजिटल युग की रचनात्मक चुनौतियों पर बात करेंगी। दिन का समापन युग्म बैंड की लाइव संगीत प्रस्तुति से होगा।
तीसरे और अंतिम दिन रविवार को खेल, यात्रा, साहित्य और समाज से जुड़े सत्र आयोजित होंगे। अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित रचना गोविल, पूर्व क्रिकेटर और कोच अरविंद कपूर तथा शिक्षिका ऋचा यादव मैदान से मंच तक की यात्रा पर चर्चा करेंगे। इसके बाद लेखक राहुल नील, भारत की पहली महिला सोलो ट्रैवलर कायनात काजी और पत्रकार ऋतु भरद्वाज यात्रा और जीवन के अनुभव साझा करेंगे।
दोपहर के सत्रों में साहित्यिक चेतना, जनजातीय विमर्श और सामाजिक यथार्थ पर संवाद होगा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और साहित्यकार सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, कवि दीपक मशाल और संपादक नितेश प्रसाद समकालीन साहित्य की भूमिका पर बात करेंगे। विदेश मंत्रालय की संयुक्त सचिव अंजु रंजन और लेखक संदीप मुरारका जनजातीय समाज की पहचान और संघर्ष पर अपने विचार रखेंगे।
शाम के सत्रों में लेखक डॉ रहीस सिंह और रामकथा मर्मज्ञ राम मोहन शर्मा सामाजिक संवाद करेंगे। इसके बाद शौर्य चक्र से सम्मानित कर्नल सुकेश वर्मा युवाओं को प्रेरित करने वाला वक्तव्य देंगे। अभिनय और अस्तित्व विषय पर अभिनेता श्रीकांत वर्मा और रेडियो जॉकी शाहनवाज संवाद करेंगे।
कार्यक्रम के अंत में पर्ल्स ऑफ बुन्देलखण्ड सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें क्षेत्र की विशिष्ट प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा। समापन समारोह के बाद प्रख्यात कत्थक नर्तक रवि प्रताप सिंह की प्रस्तुति और बैंड परफॉर्मेंस होगी।
आयोजकों के अनुसार बुन्देलखण्ड लिटरेचर फेस्टिवल 5.0 का उद्देश्य क्षेत्रीय संस्कृति को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना है। यह आयोजन बुन्देलखण्ड की माटी से जुड़े विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगा। तीन दिनों तक चलने वाला यह महोत्सव झांसी को एक बार फिर साहित्य और संस्कृति के केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।

आमंत्रित अतिथियों कि सूचि

1. डॉ. रहीस सिंह जी – (लेखक, मीडिया सलाहकार श्री योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार)
2. श्री त्रिलोक नाथ पाण्डेय जी- (वरिष्ठ साहित्यकार, रिटार्ड आईपीएस, वाराणसी)
3. पद्मश्री विदुषी मालिनी अवस्थी जी-(लोक गायिका, साहित्यकार)
4. आदरणीय प्रो बलराम पाणि जी-(डीन ऑफ कॉलेजेस दिल्ली विश्वविद्यालय)
5. प्रो. मुकेश पाण्डेय जी (कुलपति बुन्देलखण्ड विश्वविधालय, झाँसी)
6. पद्मश्री शोभना नारायण जी-(प्रख्यात नृत्यांगना)
7. अर्जुन अवॉर्डी रचना गोविल जी-(पूर्व कार्यकारी निदेशक, भारतीय खेल प्राधिकरण)
8. विदुषी ऋचा अनिरुद्ध जी(चर्चित पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता)
9. श्री नितिन प्रमोद जी ( लेखक, निदेशक,विदेश मंत्रालय, भारत सरकार)
10. श्री बिमल कुमार दुबे जी (मंडल आयुक्त, झाँसी मंडल)
11. डॉ कुंदन कुमार यादव जी-(राम कथा मर्मज्ञ, लेखक, आईआरएस)
12. कर्नल श्री सुकेश वर्मा जी, शौर्य चक्र-(भारतीय सेना)
13. श्रीमती अंजु रंजन जी (संयुक्त सचिव, विदेश मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली)
14. प्रो. सुनील कुमार विश्वकर्मा जी- (विभागाध्यक्ष, ललित कला संस्था, वाराणसी)
15. श्री सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज जी (साहित्यकार, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी)
16. प्रख्यात पत्रकार श्री सईद अंसारी जी-(लोकप्रिय एंकर, आज तक न्यूज)
17. राम कथा मर्मज्ञ श्री राम मोहन शर्मा जी-(लोकप्रिय पत्रकार जी न्यूज)
18. श्री श्रीकान्त वर्मा जी- (चर्चित अभिनेता)
19. श्री फैजल मालिक जी (अभिनेता, पंचायत के पहलाद चा)
20. श्री तरुण डुडेजा जी (फिल्म निर्देशक, लेखक और अभिनेता)
21. श्री अनमोल आहूजा जी-(कास्टिंग डायरेक्टर)
22. सुश्री  श्रेया गुप्तो जी ( भारतीय अभिनेत्री, डिजिटल कंटेंट क्रिएटर)
23. श्री प्रियांशु पैन्युली जी (अभिनेता)
24. डॉ. मुन्ना कुमार पाण्डेय जी- (एसोसिएट प्रोफेसर, सत्यवती कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय)
25. श्री संदीप मुरारका जी- (जनजातीय समुदाय के सकारात्मक पहलुओं पर लिखने वाले कलमकार एवं प्रेरक वक्ता)
26. श्री वैभव मणि त्रिपाठी जी- (लेखक, संस्थापक ययवारी एप)
27. श्री मनीष कुमार जैसल जी (विभागाध्यक्ष,  स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन,आईटीएम यूनिवर्सिटी, ग्वालियर)
28. श्री अभिषेक कुमार सिंह जी-(स्कल्प्चर आर्टिस्ट, मुंबई)
29. श्री मति राजलक्ष्मी पाणि जी- (लेखिका)
30. श्री राहुल नील जी- (लेखक,कवि एवं ट्रेवलर)
31. श्रीमति कायनात काजी जी-(भारत कि पहली महिला सोलो ट्रेवलर, लेखिका)
32. डॉ. रचना बिमल दुबे जी (लेखिका, शिक्षाविद)
33. श्री नीरज मिश्र जी  (सीनियर पत्रकार, लेखक)
34. श्री अरविंद कपूर जी (सीनियर मैनेजर, टीम इंडिया) 
35. श्री नीरज पाठक जी (आईटीएम यूनिवर्सिटी, ग्वालियर)
36. श्री दीपक मशाल जी (लेखक, कवि)
37. श्रीमति ऋतु भरद्वाज जी (पत्रकार)
38. श्री धीरेन्द्र राय जी (पत्रकार)  
39. आचार्य श्री अंशुल नायक जी (संस्कृत अध्येता और वैदिक ब्राह्मण)
40. श्री नितेश प्रसाद जी- (संस्थापक, संपादक अपनी हिन्दी)
41. सुश्री आकांक्षा सिंह जी (बरली आर्टिस्ट)
42. सुश्री साक्षी पटेरिया (बुन्देली लोक गायिका)
43. श्री जितेन्द्र चौरसिया जी (आल्हा गायक)

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