ओरछा। भूपेन्द्र रायकवार। यह एक बहुत ही प्रेरणादायक कहानी है। बुंदेलखंड जैसे अंचल से निकलकर आसमान की ऊंचाइयों को छूना वाकई काबिले तारीफ है।
ओरछा की बेटी की ऊंची उड़ान:
आराधना सेमरिया बनीं एयरहोस्टेस, यूट्यूब से शुरू हुआ था सफर
बुंदेलखंड की बेटियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यदि इरादे मजबूत हों, तो छोटे शहरों से निकलकर भी बड़े आसमान फतह किए जा सकते हैं।
निवाड़ी जिले के ऐतिहासिक शहर ओरछा की रहने वाली आराधना सेमरिया का चयन एक प्रतिष्ठित निजी एयरलाइंस में एयरहोस्टेस के पद पर हुआ है। गुरुवार को अपनी ट्रेनिंग पूरी कर घर लौटने पर उनका भव्य स्वागत किया गया |आराधना की सफलता की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है। वर्ष 2024 में जब वे 12वीं कक्षा में थीं, तब उन्होंने यूट्यूब पर एक एयरहोस्टेस का वीडियो देखा। यहीं से उनके मन में विमानन क्षेत्र (Aviation Sector) में करियर बनाने की इच्छा जागी।
आराधना ने खुद ही इंटरनेट के माध्यम से चयन प्रक्रिया और जरूरी योग्यताओं की जानकारी जुटाई। कठिन चयन प्रक्रिया और योग्यता 18 वर्ष की आयु पूरी होते ही आराधना ने पासपोर्ट बनवाया और आवेदन किया। चयन के दौरान उन्हें कड़ी परीक्षा से गुजरना पड़ा पांच राउंड का इंटरव्यू: इसमें ऊंचाई, वजन, संवाद कौशल (Communication Skills), आत्मविश्वास और व्यवहारिक कुशलता की जांच की गई।
भाषाई पकड़: आराधना की अंग्रेजी पर पहले से अच्छी पकड़ थी, जो इस क्षेत्र के लिए अनिवार्य योग्यता है।
भ्रांतियों को तोड़ा: “गोरा होना जरूरी नहीं”
अपनी सफलता पर बात करते हुए आराधना ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा, “अक्सर लोग सोचते हैं कि एयरहोस्टेस बनने के लिए गोरा होना जरूरी है, लेकिन यह गलत है। आपकी त्वचा का स्वस्थ होना, आपके बात करने का तरीका, आपका आत्मविश्वास और आपकी मुस्कान सबसे ज्यादा मायने रखती है।”
बुंदेलखंड की अकेली प्रतिनिधि
आराधना ने बताया कि पूरी ट्रेनिंग के दौरान वे बुंदेलखंड क्षेत्र से अकेली लड़की थीं। उन्होंने न केवल प्रोफेशनल ट्रेनिंग ली, बल्कि वहां मौजूद अन्य राज्यों के लोगों को ओरछा और बुंदेलखंड की संस्कृति से भी परिचित कराया।








