लखनऊ। भूपेन्द्र रायकवार। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से बुन्देलखण्ड झांसी के किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने समाजवादी पार्टी, प्रदेश मुख्यालय लखनऊ के डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में मुलाकात कर जबरन जमीन अधिग्रहण करने और मुआवजा न देने की पीड़ा बतायी।
बुन्देलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण बीडा के कथित उत्पीड़न के शिकार झांसी, बबीना विधानसभा के 33 गांवों के किसानों की ओर से आज समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को ज्ञापन देकर न्याय दिलाने की मांग की है।
अखिलेश यादव ने किसानों को पूरी मदद करने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि किसानों की समस्या को लेकर नेता विरोधी दल विधान परिषद लालबिहारी यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमण्डल झांसी और बबीना गया। वहां जिलाधिकारी से बात हुई जब जिलाधिकारी ने बात मान ली तो माना जाता है सरकार पूरा करेगी। लेकिन अधिकारी के ट्रांसफर के बाद किसानों की समस्या जस-की-तस है।
यादव ने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल दोबारा जाएगा और डीएम से बात करेगा। समाजवादी पार्टी किसानों की लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को जमीनों का बाजार भाव दे। जमीनों के बदले किसानों को बाजार भाव मिलना चाहिए। किसानों पर दबाव बनाकर किसी सहमति के कागज पर दस्तखत नहीं कराने चाहिए।
अखिलेश यादव ने कहा कि जब भूमि अधिग्रहण नियम है तो सर्किल रेट बढ़ाकर किसानों को चार गुना मुआवजा देना चाहिए। झांसी-बबीना में जब सरकार ने ही किसानों को विस्थापित किया है। सरकार ने किसानों को जमीन दिया लेकिन वह किसानों के नाम नहीं हुई तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की है। निर्माण कार्य हो रहे है। जमीन लगातार काम हो रहे है। जमीन सिकुड़ रही है। किसानों के साथ धोखा नहीं होना चाहिए। समाजवादी पार्टी बुन्देलखंड झांसी, बबीना के किसानों की मदद करेगी।
अखिलेश यादव ने कहा कि बबीना की तरह ही भाजपा सरकार ने अयोध्या के गरीबों और किसानों की जमीने छीन, ली थी, लूट की थी, मुनाफा कमाया था, उसी का परिणाम था कि प्रभु श्रीराम ने भाजपा को अयोध्या की धरती से हरा दिया था और पूरे देश में भाजपा की साम्प्रदायिक राजनीति के अंत का संदेश दिया था।
हम झांसी और बुन्देलखंड के किसानों से अपील करते है कि भाजपा को हरा कर सबक सिखाये क्योंकि भाजपा ने बुन्देलखंड में झूठ बोला है। भाजपा सरकार ने बुन्देलखंड में मिसाइल, गोला बारूद, तोप बनाने का वादा किया था लेकिन अभी तक वहां पर सुतली बम भी नहीं बन पाया है।
इससे पूर्व दिये ज्ञापन में किसानों ने कहा कि बीड़ा में वर्तमान राज्य सरकार द्वारा करीब 25000 किसानों को ठगा जा रहा है। किसानों के बच्चों का भविष्य अंधकारमय किया जा रहा है। बीड़ा से प्रभावित प्रत्येक ग्राम से सरकार द्वारा जानबूझकर सही भौतिक सत्यापन नहीं कराया जा रहा हे। कई ग्रामों में सड़क व आबादी सर्किल रेट में दर्ज नहीं है। जिससे किसानों को नुकसान हो रहा है।
50 से अधिक गांवों में 1962 में फायरिंगरेंज बनी थी। इससे विस्थापित किसान भूमि के मालिकाना हक से वचित है। आबादी के नाम पर गांव की 1975 में दर्ज आबादी ही मान्य है जबकि गांवो में छोटे-छोटे मजरा बन चुके है। बीड़ा की कार्रवाई से भाजपा सांसद की जमीन हटा दी गई है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि अधिग्रहण के शिकार किसान के परिवार को एक सरकारी नौकरी दी जाए। बीडा क्षेत्र में बनने वाले स्कूल में मुफ्त शिक्षा और रोजगार मिले। प्रत्येक ग्राम की सर्किल रेट 2015 से 20 प्रतिशत प्रतिवर्ष बढ़ाई जाए। प्रत्येक किसान की 30 प्रतिशत जमीन विकसित क्षेत्र में छोटी जाए। प्रभावित किसान को आवासीय कालोनी में मकान दिया जाए। जमीन देने वाले किसान को कैन्टल गेन टैक्स से बचाया जाए। बीडा द्वारा बनाए गए शॉपिंग मॉल कॉम्प्लेक्स में दूकानें किसान को दी जाए।
प्रतिनिधिमण्डल में लाल बिहारी यादव एमएलसी, नारायण दास अहिरवार सांसद, डॉ. मान सिंह यादव एमएलसी, दीप नारायण पूर्व विधायक, सतीश जतारिया पूर्व विधायक, बृजेंद्र सिंह भोजला जिलाध्यक्ष झांसी, संत सिंह सेरसा पूर्व जिलाध्यक्ष, तनवीर आलम महानगर अध्यक्ष, सुदेश पटेल पूर्व जिलाध्यक्ष, अरविंद वशिष्ठ, अजय अतरौलिया जिला पंचायत सदस्य, राधेलाल बौद्ध जिला महासचिव शामिल रहे।
बीडा प्रभावित क्षेत्र के चंद्रपाल सिंह, सुनील कुमार, करन, मुलायम सिंह राजपूत, प्रताप, रिपुदमन सिंह बाजना, जितेन्द्र सिंह, आशीष यादव, लाखन गुड़ा, सज्जन सिंह, मोहित मुखिया, प्रदीप यादव, फौजी अजब सिंह आदि ने राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव से भेंट की।







