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नवीन तकनीकी के दौर में पत्रकारिता की विश्वसनीयता व  मौलिकता को संभालने की जरूरत

प्रथम पुण्य स्मृति दिवस पर याद किए गए संपादक प्रवीण कुमार जैन


झांसी। भूपेन्द्र रायकवार। अग्रणी समाजसेवी, प्रखर वक्ता, दैनिक विश्व परिवार के पूर्व संपादक तथा पत्रकार भवन के पूर्व अध्यक्ष कीर्तिशेष श्री प्रवीण कुमार जैन का प्रथम पुण्य स्मरण दिवस आज राजकीय संग्रहालय में आयोजित किया गया ।
श्री  गणेश शंकर विद्यार्थी पत्रकारिता उन्नयन समिति एवं दैनिक विश्व परिवार झांसी एवं रायपुर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस पुण्य स्मरण दिवस के अवसर पर मीडिया जगत तथा राजनीतिक जगत से जुड़ी तमाम हस्तियां शामिल हुई। इस अवसर पर नवीन तकनीकी के दौर में पत्रकारिता विषय पर संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया।

जिसमें तमाम वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए नवीन तकनीकी के दौर में पत्रकारिता की विश्वसनीयता तथा मौलिकता को संभाल कर रखने की जरूरत पर बल दिया गया । इस अवसर पर पांच हस्तियों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दैनिक विश्व परिवार के संस्थापक कीर्तिशेष श्री कैलाश चंद्र जैन एवं कीर्तिशेष श्री प्रवीण कुमार जैन के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित उन्हें पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई ।

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता तथा राज्यसभा टीवी, भारतीय संसद, नई दिल्ली के पूर्व संपादक अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि तकनीकी के इस नवीन दौर में वास्तविक पत्रकारिता कहीं खो गई है । सच्चाई यह है कि तकनीकी के दौर में यथार्थ बमुश्किल देखने को मिल रहा है। तथ्यों का पुष्टिकरण किसी भी खबर की जान होता है, लेकिन आज के दौर में यह कहीं विलुप्त होता चला जा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रिंट मीडिया की विश्वसनीयता कल भी कायम थी और आज भी कायम है और निश्चित रूप से आने वाला समय भी प्रिंट मीडिया का ही होगा ।

उन्होंने प्रिंट मीडिया के शुरुआती दौर से लेकर नवीन तकनीकी के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी के दौर की तुलना करते हुए कहा कि नवीन तकनीकी के दौर में सड़क पर पत्रकारों को ट्रेंड करने का सिलसिला खत्म हो गया है, लेकिन प्रिंट मीडिया में आज भी यह सिलसिला लगातार जारी है । यही वजह है कि आम जनता की आवाज बनने में जितना सक्षम प्रिंट मीडिया है, उतना शायद नवीन तकनीकी का दौर नहीं है ।

विशिष्ट अतिथि तथा प्रेस काउंसिल आफ इंडिया भारत गणराज्य लखनऊ की पूर्व सदस्य तथा जन मोर्चा की संपादक सुश्री डॉक्टर सुमन गुप्ता ने भी प्रिंट मीडिया की विश्वसनीय को सर्वोच्च बताते हुए कहा कि नवीन तकनीकी के दौर में नई पीढ़ी में इसके दुरुपयोग की संभावनाएं बहुत ज्यादा बड़ी है। सोशल मीडिया के प्लेटफार्म केवल सूचनाओं का बिना पुष्टिकरण किए हुए ही आदान-प्रदान का माध्यम बन गए हैं ।

सच्चाई यह है कि सूचना प्रौद्योगिकी के इस युग में सूचनाएँ हैं, लेकिन उनको सही ढंग से परोसा नहीं जा पा रहा है। इससे न केवल आम जनमानस गुमराह भी हो रहा है, बल्कि पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने सभी से मिलकर इस विश्वसनीयता को सुरक्षित करने के लिए एक कदम आगे आने की अपील की । उन्होंने कहा कि आज संपादक की मौलिक कलम कहीं खोती चली जा रही है, क्योंकि नवीन तकनीकी के दौर में सब कुछ शॉर्ट कट तरीके से चलने लगा है ।


जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम ने कहा कि एक समय वह भी था कि जब अखबार के दफ्तरों में प्रेस विज्ञप्तियां पहुंचाई जाती थी और वहां के पत्रकारों से बातचीत करने के अवसर प्राप्त होते थे, लेकिन नवीन तकनीकी के दौर में व्हाट्सएप एक ऐसा माध्यम आया है, जिसमें अब संवाद करना लगभग खत्म सा होता चला जा रहा है । नई पीढ़ी को इस बारे में बेहद सचेत होने की आवश्यकता है ।


सदर विधायक रवि शर्मा ने कहा कि निश्चित रूप से पत्रकार समाज की वह कड़ी है, जो आम जनमानस की आवाज को सिस्टम तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है । सच्चे पत्रकार जो इस पेशे को अपनाते हैं, वह इस पैसे के साथ-साथ आर्थिक अभाव को भी अपना लेते हैं, लेकिन अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करते । अपने कर्तव्यों से कभी विमुख नहीं होते । ऐसे लोगों के कारण ही आज समाज का चौथा स्तंभ अविश्वसनीयता के इस दौर में विश्वसनीय बना हुआ है ।


उन्होंने स्वर्गीय श्री प्रवीण कुमार जैन के संस्मरण भी सभी के सभी के समक्ष रखते हुए कहा कि वह समाज के लिए समर्पित एक ऐसे व्यक्तित्व थे, जिनका विकल्प मिल पाना बेहद मुश्किल है ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने कहा कि श्री प्रवीण कुमार जैन एक व्यक्ति नहीं, बल्कि संस्था थे। सभी को साथ लेकर चलना, निर्भीक होकर सत्य के लिए लड़ना, साहसी बनकर पत्रकारता की चुनौतियों का सामना करना बड़े-बड़े लोग ही कर पाते हैं और प्रवीण कुमार जैन भी ऐसी ही शख्सियत में से एक थे । उनके जाने से जो क्षति हुई है वह कभी पूरी नहीं हो सकती । नई पीढ़ी को प्रवीण कुमार जैन के किए गए कर्म से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में आगे बढ़ाने की जरूरत है ।


इसके पूर्व अतिथियों का स्वागत दैनिक विश्व परिवार रायपुर के संपादक श्री प्रदीप कुमार जैन ने किया ।
संगोष्ठी को मुंबई से आए गजल गायक जसवंत सिंह, शहर कांग्रेस अध्यक्ष मनोज गुप्ता वरिष्ठ पत्रकार मोहन नेपाली मनमोहन मनु डॉ सुनील तिवारी शैलेंद्र जैन टीपू सुल्तान रिपुसुदन नामदेव हरि कृष्ण चतुर्वेदी आदि सहित तमाम वक्ताओं ने संबोधित किया ।


संगोष्ठी के बाद कीर्ति शेष श्री प्रवीण कुमार जैन की स्मृति में पूर्व ओलंपियन अशोक ध्यानचंद, समाज सेविका डॉ नीति शास्त्री, वरिष्ठ पत्रकार मोहन नेपाली, जैन धर्म को लगातार आगे बढ़ाने वाले संजय जैन करनल तथा बेकार वस्तुओं को आकार देने वाली नीलम सारंगी को सम्मानित किया गया ।
कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी सर्व श्री सुभाष जैन रविंद्र जैन सीटीआई आलोक सांडिल्य डा जिनेंद्र जैन राजकुमार अंजुम सुदर्शन शिवहरे, भूपेन्द्र रायकवार, अमित प्रधान शाहरुख खान अरूण द्विवेदी, बृजेन्द्र यादव, शाजिया खान विक्रम जैन बृजेंद्र मोदी आदि उपस्थित रहे । संचालन वरिष्ठ अधिवक्ता मदनलाल बबेले ने किया । अंत में आभार श्री आलोक जैन व डॉक्टर मनमोहन मनु ने व्यक्त किया ।

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