Jhansi। आर्य समाज मंदिर नगरा में चल रहे अथर्ववेद परायण यज्ञ के चतुर्थ दिवस पर यज्ञाचार्य आचार्य किशोर मेद्यार्थी ने अथर्ववेद के मंत्रों की आहुति दिलाते हुए बताया कि ऋषि दयानंद ने अपने ग्रंथ सत्यार्थ प्रकाश में विस्तार से बताया कि परमपिता परमात्मा के तीन मुख्य कार्य है सृष्टि की उत्पत्ति करना सृष्टि को चलाना और सृष्टि का प्रलय करना ।
आज यज्ञ के यजमान बंटी शर्मा, शाम की वेला में जसवंत एवं रेखा रहीजि। प्रधान राजेंद्र सिंह यादव ने बताया कि मन को अंदर से साफ किए बिना ईश्वरकी भक्ति में ध्यान नहीं लगाया जा सकता है। जिला आर्य समाज की संरक्षिका शकुंतला यादव ने अपने भजन (जिंदगी का सफर करने वाले अपने मन का दिया तो जला ले ) से सभी को आनंदित किया।
इस अवसर पर राकेश नामदेव, बृजमोहन शर्मा, सुधा यादव, जितेंद्र यादव, शिरोमणि आर्य,आर के सिंह, ज्योती यादव, हरिओम शास्त्री,भारत सिंह यादव, चंदन सिंह यादव, सरदार इंद्रपाल सिंह, जगदीश शर्मा, रवि नारायण सारस्वत, आर एस भदौरिया, रमेश राय, महेन्द्र कुमार श्रीवास्तव,पार्षद नरेंद्र नामदेव, हर प्रसाद यादव, संगीता यादव, उमा विश्वकर्मा, आरती श्रीवास्तव, बीना शर्मा, सुधा विश्वकर्मा , सविता यादव, प्रभा यादव, रामगोपाल आर्य, अंकुश कुमार प्रजापति, रेखा नामदेव, अवधेश राय, मुन्नी देवी, ओम देवी शर्मा, रामदेवी साहू, सुमन साहू, कस्तूरी साहू, उर्मिला साहू, विजय राम राजपूत,अरुण सक्सेना आदि उपस्थित रहे। आभार इंजीनियर भारत सिंह द्वारा किया गया







